अपने छोटी बहन की जमकर चुदाई की और गांड मारा



loading...

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सलीम है और मेरी उम्र 23 साल है, मेरी हाईट 5.6 और में दिल्ली का रहने वाला हूँ.. दोस्तों में बहुत दिनों से नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और उसमें से मुझे भरपूर सेक्स वाली कहानियाँ बहुत पसंद आती है और आज में आप सभी को भी अपनी ज़िंदगी की एक सच्ची स्टोरी बताने जा रहा हूँ.. दोस्तों यह स्टोरी मेरी और मेरी बहन रुकसाना की है..

दोस्तों मेरे घर में हम पांच लोग रहते है, अम्मी, अब्बू मेरी एक बड़ी बहन में और मेरी एक छोटी बहन.. मेरे अब्बू एक सरकारी स्कूल में शिक्षक है और मेरी अम्मी एक ग्रहणी और हम लोग एक सामान्य परिवार से है.. हमारे घर में दो कमरे और एक हॉल और एक किचन है.. दोस्तों सबसे पहले में आपको अपनी छोटी बहन का परिचय दे देता हूँ, उसका नाम रुकसाना है और उसकी उम्र 20 साल है.. उसके फिगर तो दोस्तों पूछो ही मत, क्या सेक्सी लगते है? में आपको उसके फिगर का साईज बता देता हूँ, 30-26-34 जिसको देखते ही किसी का भी लंड खड़ा हो जाए.. दोस्तों यह बात आज से करीब एक साल पहले शुरू हुई जब में घंटो बैठकर इसकी सेक्स कहानियाँ पड़ता रहता था और फिर मुठ मारकर ठंडा हो जाता था.. तभी एक दिन मैंने सोच लिया कि आज से मुठ मारना बंद अब कुछ करते है, जैसा कि मैंने पहले आपको बताया कि हमारे घर में दो कमरे है, एक में अम्मी और अब्बू और दूसरे कमरे में मेरी बड़ी दीदी उसके पास में मेरी छोटी बहन और में बिल्कुल आखरी में सो जाया करता था..

उस समय बारिश का मौसम था और हमारे यहाँ पर लाईट चले जाने की बहुत समस्या रहती है तो इसलिए हम लोग 11 बजे के आस पास सो जाया करते थे और हम जिस रूम में सोते थे उस रूम की लाईट बंद रहती थी, लेकिन हॉल की लाईट और घर के पीछे की रोड़ लाईट की रोशनी से हमारे रूम में हमेशा रोशनी रहती थी और जब भी लाईट जाती थी तो में बहुत खुश हो जाता था और रूम में पूरा अंधेरा हो जाता था और अब में मुठ मारना छोड़ चुका था, जिसकी वजह से मेरी सेक्स की भूख दिनों दिन बढ़ती ही जा रही थी तो में रात को मौका देखकर अपनी अंडरवियर खोलकर अपने लंड से खेला करता था, मेरा लंड करीब 8 इंच लंबा है और मोटा है और मुझे अपने लंड से खेलने में बहुत मज़ा आता था.. एक दिन रात को करीब एक बज चुके थे और में अब भी अपने लंड से खेल रहा था और लाईट अभी भी नहीं गई थी और बारिश का मौसम होने की वजह से बाहर बहुत ज़ोर से बिजली कड़क रही थी, मेरे पास में हर रात की तरह मेरी छोटी बहन सोई हुई थी और हमारे दोनों के बीच में हमेशा एक तकिया रहता था.. फिर मैंने देखा कि मेरी बहन का एक हाथ तकिए पर था.. मैंने बहुत देर तक सोचा कि में क्या करूं क्या ना करूं? फिर ऐसा ही सोचकर सो गया, लेकिन अगले दिन में सुबह से ही सोचता रहा कि मुझे पिछली रात को कुछ करना था.. फिर वो दिन गया और रात आई और उस दिन बहुत बारिश हो रही थी और में आज भी हमेशा की तरह अपने लंड से खेल रहा था.. फिर मैंने देखा कि आज भी मेरी छोटी बहन का हाथ वहीं पर था और मैंने थोड़ी हिम्मत करके अपना लंड उसके हाथ में दे दिया और में ऐसे ही लेटा रहा.. वो उस समय गहरी नींद में थी.. फिर मैंने थोड़ी और हिम्मत की और उसका हाथ पकड़कर उसकी मुट्ठी को बंद कर दिया, जैसे कि उसने खुद मेरा लंड पकड़ा हो, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और में हल्के हल्के से दबा रहा था, थोड़ी देर बाद मैंने उसका हाथ हटाकर अपने हाथ से मुठ मारी और फिर सो गया..

अगले दिन फिर रात हुई और लाईट चली गई और उस समय सब लोग सोए हुए थे और में अकेला नंगा जाग रहा था.. आज मैंने कुछ अलग करने का सोचा था, रुकसाना मेरे पास में सो रही थी.. मैंने नींद में होने का नाटक करके अपना हाथ उसके पेट पर रख दिया और वो उस समय गहरी नींद में थी, उसे कुछ महसूस नहीं हुआ.. फिर मैंने थोड़ी और हिम्मत की और अब में उसके बूब्स को दबाने लगा, वाह दोस्तों उसके क्या मस्त बूब्स थे, बिल्कुल गोल गोल नरम नरम.. दोस्तों मैंने आज पहली बार किसी लड़की के बूब्स पकड़े, दबाए और छूकर महसूस किए थे.. मुझे यह सब करने में बहुत मज़ा आ रहा था और में ऐसे ही करीब तीस मिनट तक उसके बूब्स पर अपने हाथ फेरता रहा और में उसके बाद में मुठ मारकर सो गया, लेकिन अब उसके बूब्स को दबाने के बाद मेरी हिम्मत बहुत बढ़ चुकी थी और में अब अपनी पढ़ाई में नहीं अपनी बहन को चोदने में अपना पूरा पूरा ध्यान लगा रहा था.. फिर से रात हुई और आज मेरी बहन करवट लेकर सोई हुई थी और उसका हाथ उस तकिए पर ही था.. फिर मैंने उसका हाथ पकड़कर अपना लंड उसके हाथ में दे दिया और अब में अचानक से हैरान और बहुत परेशान हो गया कि मेरी बहन ने अपना हाथ बंद कर लिया था और उसने मेरे लंड को ज़ोर से पकड़ लिया.. अब मुझे बिल्कुल भी समझ नहीं आ रहा था कि में क्या करूं? फिर मैंने सोचा कि में अब इंतजार करके देखता हूँ कि यह इसके आगे क्या करेगी?

अब अगले दस मिनट तक वो ऐसे ही पकड़े रही, लेकिन अब उसके हाथ की गरमी से मेरा 8 इंच का लंड पूरा का पूरा तन चुका था और मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था.. फिर में सीधा सो गया, लेकिन अभी भी वो मेरे लंड को पकड़े हुई थी.. फिर मैंने हिम्मत करके अपने हाथ से उसके हाथ को पकड़कर हिलाने लगा.. दोस्तों अब मेरी बहन मेरा लंड हिला रही थी और फिर कुछ देर बाद में उसके हाथ पर झड़ गया और मेरा वीर्य बहुत सारा उसके हाथ में आ गया.. फिर मैंने उसका हाथ अपनी अंडरवियर से साफ किया और उसके हाथ को तकिए पर रख दिया.. अगले दिन सुबह वो उठी और उसने मुझे उठाया और मुझसे कहा कि भैया उठो, आज अब्बू स्कूल नहीं जा रहे है, तुम मुझे कॉलेज छोड़ दो और में उठ गया, लेकिन मैंने देखा कि आज मेरी बहन का व्यहवार मेरे लिए बहुत अलग था, वो आज बहुत हंस रही थी और उसकी इस हंसी में बहुत मस्ती थी.. फिर में तैयार हो गया और उसको अपनी बाईक पर बैठाकर कॉलेज छोड़ने निकला और कुछ देर बाद मैंने देखा कि आज तक मेरी बहन ने मुझे कंधे पर नहीं पकड़ा था, लेकिन आज उसने मेरे कंधे पर हाथ रखकर वो मेरे कंधे को दबा रही है, जैसे कोई किसी चीज़ को मस्ती में मसलता है वैसे ही वो मेरे कंधे को मसल रही थी.. अब में समझ गया कि वो रात वाली बात उसको पता चल चुकी है और वो उससे बहुत खुश है.. दोस्तों अब मेरी खुशी का तो कोई ठिकाना ही नहीं था.. मैंने सोचा कि आज मुझे इसके कुछ आगे बढ़ना होगा.. फिर दोपहर को वो अपने कॉलेज से आई और उस समय में भी घर में ही था और वो मुझसे छेड़छाड़ करने लगी और में भी उससे मस्ती करने लगा और मैंने मस्ती मस्ती में उसकी गांड पर मारा तो मैंने महसूस किया कि उसकी गांड बहुत ही नरम नरम थी, लेकिन वो मुझसे कुछ नहीं बोली और इतने में अम्मी आ गई और हमने अपनी मस्ती को वहीं पर बंद कर दिया..

फिर कुछ घंटो बाद रात हो गई और मेरे अंदर का शैतान फिर से जाग उठा और रोज़ की तरह में अपनी अंडरवियर को नीचे करके लाईट जाने का इंतज़ार कर रहा था और इतने में लाईट चली गई, लेकिन आज मेरी बहन मेरी तरफ अपनी गांड करके सोई हुई थी.. फिर मैंने अपना हाथ उसकी गांड पर फेरने लगा, लेकिन उसकी तरफ से कोई हरकत नहीं हुई तो मुझमें और हिम्मत आ गई.. मैंने हम दोनों के बीच का तकिया निकाल दिया और अब में उससे चिपककर सो गया और में अपना लंड उसकी गांड पर दबाकर सो गया.. दोस्तों में आपको शब्दों में नहीं बता सकता कि वो कैसा एहसास था और उसके बालों की वो भीनी भीनी खुशबु मुझे पागल किए जा रही थी और में सोचकर बहुत हैरान था कि उसकी तरफ से कोई भी हरकत नहीं हुई और वो मुझे ऐसा जता रही थी कि वो गहरी नींद में है और मज़े भी ले रही थी.. फिर में ऐसे ही बहुत देर तक लेटा रहा और जब मुझे लगा कि में अब झड़ने वाला हूँ तो मैंने अपनी अंडरवियर पहन ली और फिर से अपनी बहन की गांड को उसकी सलवार के ऊपर से ही अपना लंड लगाकर लेटा रहा और थोड़ी देर में मेरा पूरा का पूरा वीर्य मेरी बहन की गांड पर निकल गया, वाह दोस्तों वो क्या एहसास था कि में उसे पूरी ज़िंदगी भूल नहीं सकता.. में अपनी जगह पर ही सो गया और फिर थोड़ी देर बाद मैंने रुकसाना की गांड पर हाथ लगाकर देखा तो उसकी गांड मेरे वीर्य से भीग चुकी थी और फिर में ना जाने कब सो गया.. फिर रात को में पानी पीने के लिए फिर से उठा तो मैंने देखा कि मेरी बहन चादर के अंदर से अपनी चूत में उंगली डालकर मज़े ले रही थी और अब मैंने बहुत सोचा कि में क्या करूं? फिर मैंने सोचा कि आज के लिए इतना बहुत है और में सो गया.. अगले दिन मेरी हिम्मत आसमान पर थी और पूरा दिन में सोचता रहा कि मेरी छोटी बहन मेरे सामने अपनी चूत में उंगली कर रही थी और मैंने कुछ नहीं किया? फिर में मेडिकल शॉप पर कंडोम लेने के लिए चला गया और आज से पहले मैंने कभी भी कंडोम काम में नहीं लिया था, मुझे बहुत डर लग रहा था.. फिर मेडिकल शॉप की सभी ग्राहक जाने के बाद मैंने अपने मोबाईल में कंडोम लिखकर दुकानदार को दिखाया और उसने मुझे कंडोम दे दिया.. फिर में घर गया और रात होने का इंतजार करने लगा.. फिर रात हो गई और आज तो शाम 8 बजे ही लाईट चली गई और घर के सब लोग खाना खाने के बाद सो गए और में भी थोड़ी देर मोबाईल पर कुछ देखता रहा और फिर सोने के लिए चला गया.. रात को मेरी बहन सोने का नाटक करके जाग रही थी, उसने अपना दुपट्टा उतारकर अपने मुहं पर डाल रखा था और उसका कुर्ता उसके पेट के ऊपर था, जिसकी वजह से मुझे उसकी नाभि दिख रही थी.. अब में समझ गया था कि मेरी छोटी डार्लिंग आज बिल्कुल तैयार होकर सोई हुई है.. मैंने बाथरूम में जाकर अपनी अंडरवियर को उतार दिया और में सिर्फ़ केफ्री पहनकर आ गया और लेट गया और अब में नींद लगने का नाटक करने लगा और थोड़ी देर बाद मैंने अपने हाथ को अपनी छोटी बहन के नंगे पेट पर रख दिया, वाह दोस्तों क्या समा था.. मैंने महसूस किया कि उसका पेट बिल्कुल ठंडा था और जैसे ही मैंने अपना हाथ उसके पेट पर रखा तो वो काँपने लगी, लेकिन फिर भी मैंने अपना हाथ ऐसे ही रखा..

फिर उसने कुछ नहीं किया और मेरी हिम्मत और भी बढ़ी.. अब में हल्के हल्के अपना हाथ नीचे सरकाने लगा और अब मेरा हाथ उसकी चूत के बिल्कुल करीब था.. दोस्तों उसने भी आज अपनी पेंटी नहीं पहनी थी, क्योंकि मुझे उसकी सलवार के ऊपर से उसकी चूत के वो नरम नरम बाल महसूस हो रहे थे.. फिर मैंने अपना हाथ और थोड़ा नीचे किया और में उसकी चूत के छेद के एकदम पास था और उसने आज सलवार बहुत पतली पहनी हुई थी, क्योंकि मुझे उसकी पूरी की पूरी चूत महसूस हो रही थी.. मैंने गौर किया कि मेरे हाथ रखने से मेरी बहन की चूत थोड़ी सी गीली हो गई है और फिर में ऐसे ही धीरे से सहलाने लगा.. मुझे 100% भरोसा था कि वो भी मेरे साथ साथ पूरे मज़े ले रही है.. फिर मैंने अपना हाथ ऊपर करके उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और उसकी सलवार को थोड़ा नीचे कर दिया, वाह दोस्तों उसकी क्या मस्त गोरी गोरी टांगे वो गोरी गोरी चूत.. मुझसे अब बिल्कुल बर्दाश्त ही नहीं हो रहा था.. फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी नंगी चूत पर रख दिया.. दोस्तों में आज पहली बार किसी लड़की की चूत को छू रहा था और वो भी मेरी बहन की नंगी, गरम, प्यासी चूत को..

फिर मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाली और मैंने महसूस किया कि उसकी बहुत टाईट चूत थी और उसकी चूत थोड़ी गीली भी थी.. फिर मैंने थोड़ा ज़ोर लगाकर अपनी उंगली को उसकी चूत में डाल दिया, जिसकी वजह से उसको शायद थोड़ा दर्द हुआ और वो सिसक गई.. फिर मैंने अपना हाथ बाहर निकाल लिया और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपना हाथ उसकी चूत पर रख दिया और उसकी चूत को मसलने लगा और वो बहुत मज़े ले रही थी और थोड़ी ही देर बाद उसका पानी निकल गया और वो मेरी तरफ अपनी गांड करके सो गई और अभी भी उसकी सलवार उसके पैरों तक ही थी और में रुकसाना की नंगी गांड पर हाथ फेरने लगा, उसकी नरम गांड मस्त थी? फिर मुझे याद आया कि मैंने कंडोम लिया है.. फिर मैंने कंडोम निकाला और अपने लंड पर लगा लिया और अपने लंड को अपनी छोटी बहन की गांड पर रख दिया और अब में उसकी गांड को दबाने लगा, लेकिन में उसकी चूत या गांड में लंड डालने के लिए डरने लगा, लेकिन मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके उसकी गांड को अपने दोनों हाथों से खोल दिया और अपने लंड को उसकी गांड के छेद के पास ले गया और अब लंड को अंदर डालने लगा तो मेरे एक झटका देते ही शायद उसको बहुत दर्द हुआ और वो सिसक गई.. फिर मैंने अपना लंड हटा दिया और उसकी गांड पर रखकर ऐसे ही रगड़ने लगा और अभी भी वो वैसे ही लेटी हुई थी, उसकी तरफ से कोई भी हलचल नहीं हुई थी और लंड को गांड पर बहुत देर तक रगड़ने के बाद में झड़ गया और मैंने उसकी सलवार ऊपर की और कंडोम को बाहर फेंककर सो गया.. दोस्तों ये स्टोरी आप नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है..

दोस्तों अभी तक तो में अपनी बहन के ऊपर से ही मज़े ले रहा था, लेकिन मेरा मन अब उसे जमकर चोदने का था, लेकिन मुझे कोई अच्छा सा मौका नहीं मिल रहा था और इस बीच मेरे पेपर आ गये और में अपनी पढ़ाई करने लगा और थोड़े दिन यह सब काम बंद था और फिर मेरे पेपर भी खत्म हो गए.. फिर में मेरी बहन को चोदने के मौके की तलाश में था.. फिर मेरे दिमाग़ में एक विचार आया तो मैंने कुछ नंगी फोटो मेरे कंप्यूटर में डाल दी.. दोस्तों मेरे घर में मुझे और रुकसाना को ही कंप्यूटर चलाना आता था.. फिर में वो देखकर अपने लंड पर हाथ फेरने लगा तो इस बीच रुकसाना मेरे पास आने लगी.. फिर मैंने जल्दी से उसे बंद किया और वो मेरे पास आई और मुझसे पूछने लगी कि क्या कर रहे हो? फिर मैंने कहा कि कुछ नहीं अभी भी मेरा लंड खड़ा ही था तो उसने मेरे लंड को देखा और चली गई..

फिर मैंने उससे पानी लाने को कहा तो वो आई और जब वो मेरे पास आई तो में अपने कंप्यूटर में गेम खेल रहा था, उसने मुझे पानी दिया और मेरे कंधे पर हाथ रखकर मेरे पास में खड़ी हो गई और वो कुछ इस तरह से खड़ी हुई थी कि अगर में ग्लास देने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाता तो उसके बूब्स को छू जाता और फिर हुआ भी कुछ ऐसा ही, मैंने उसके बूब्स को छूआ और फिर वो हंसकर चली गई और मुझे ग्रीन सिग्नल मिल गया था.. उस दिन रात को मेरी बड़ी दीदी देर तक पढ़ाई कर रही थी, इसलिए मुझे कुछ करने का मौका नहीं मिला और अगले दिन रात को में नंगा लेटा हुआ था और सबके सोने का इंतज़ार करने लगा था.. अब सब सो गये और मैंने अपनी बहन का हाथ लेकर अपने लंड पर लगाया और उससे मसलने लगा, बहुत देर तक खेलता रहा और उसने अपना हाथ भी नहीं हटाया.. फिर में उसका हाथ लेकर अपनी छाती पर फेरने लगा तो उसने हाथ हटा लिया और आज पहली बार उसने मेरे लंड पर अपना पैर रखा और अब में समझ गया कि आज मेरी बहन अपने भाई से चुदने जा रही है.. फिर मैंने उसकी गांड को पकड़कर अपने ऊपर ले लिया और अब मेरी बहन मेरे ऊपर थी और में पूरा नंगा था.. मेरा लंड उसकी चूत पर छू रहा था और उसके बड़े बड़े बूब्स मेरी छाती से टकरा रहे थे.. मैंने ऐसे ही उसको अपने ऊपर रखा और थोड़ी देर बाद मैंने उसकी सलवार को खोल दिया और अभी भी वो मेरे ऊपर ही थी.. दोस्तों आज पहली बार मेरा लंड और मेरी बहन की तड़पती हुई चूत आपस में एक दूसरे को छू रहे थे और मेरे लंड के बाल और मेरी छोटी बहन की चूत के बाल आपस में एक दूसरे को छू रहे थे और थोड़ी देर तक में अपनी बहन की चूत को अपने लंड से रगड़ता रहा और अब मैंने उसको अपने ऊपर लेटाकर ही चोदने की बात सोची और में अब उसकी चूत के मुहं पर अपने लंड को रखकर अंदर धकेलने लगा, लेकिन वो अंदर जा ही नहीं रहा था और इस बीच हॉल की लाईट चालू हो गई और में समझ गया कि कोई आ गया है..

फिर मैंने अपनी बहन को उसकी जगह पर लेटा दिया और उसका हाथ लेकर मेरे लंड पर लगा दिया और आज उसने अपने आप ही मेरा लंड हिलाया और में झड़ गया और हम दोनों सो गए.. दूसरे दिन वो बहुत उदास थी, क्योंकि मुझे किसी जरूरी काम के लिए बेंगलोर जाना था और आने के बाद मेरे अंकल की शादी थी तो ऐसे ही एक महीना गुज़र गया और आज वो दिन आ गया जब मेरे और मेरी बहन का सुहाग दिन होने वाला था.. दोपहर को दीदी कॉलेज गई हुई थी, अब्बू ड्यूटी पर और मेरी माँ पड़ोसे वाली दादी को लेकर हॉस्पिटल गई हुई थी.. अब घर में मेरी छोटी बहन रुकसाना को छोड़कर कोई भी नहीं था, में घर आ गया और मैंने देखा कि आज घर पर कोई नहीं है तो में बहुत खुश हुआ और मैंने जाकर टी.वी. चालू किया और देखने लगा.. इस बीच रुकसाना मेरे पास आई और हम दोनों टी.वी. देखने लगे.. फिर मैंने कहा कि रुकसाना यहाँ आओ.. में उस समय स्टील की कुर्सी पर बैठा हुआ था और फिर रुकसाना आकर मेरे पास में खड़ी हुई थी.. फिर मैंने उससे कहा कि तुम आज बहुत अच्छी दिख रही हो तो वो हंसी और कहने लगी कि में हर रोज़ ऐसी ही दिखती हूँ.. फिर मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे अपनी गोद में यानी पैरों पर बैठा लिया और वो बोली कि क्यों आज तक तो कभी आपने मुझे ऐसे नहीं बैठाया और आज क्यों?

फिर मैंने कहा कि आज मेरा तुम्हे बहुत प्यार करने का मूड हो रहा है और अब में उसकी पीठ पर किस करने लगा और वो अचानक से उठ गई और बोली कि यह सब बिल्कुल भी ठीक नहीं है.. फिर मैंने कहा कि अगर यह ठीक नहीं है तो तुम रात को मज़े क्यों लेती हो? वो कुछ नहीं बोली और मैंने उसको अपनी तरफ खींचकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसके होठों पर किस करने लगा.. वो थोड़ी देर तक मना करती रही, लेकिन फिर उसने भी मेरा साथ देना शुरू किया और वो मेरे बाल पकड़कर ज़ोर ज़ोर से किस कर रही थी.. फिर मैंने उससे कहा कि चलो अम्मी, अब्बू के बेड पर चलते हैं और फिर हम चले गये.. फिर मैंने अपनी बहन को अपनी दुल्हन की तरह गोद में उठाया और बेड पर ले जाकर बैठा दिया और वो किसी भूखी शेरनी की तरह मुझे किस करने लगी.. फिर मैंने उससे कहा कि क्यों तुम ब्लू फिल्म देखकर बहुत कुछ सीख गई हो? तभी उसने मुझसे पूछा कि आपको कैसे पता चला? मैंने कहा कि मुझे सब कुछ पता है और फिर उसने मुझसे कहा कि चलो आज हम जैसा ब्लू फिल्म में होता है वैसे ही करेंगे.. फिर मैंने कहा कि क्यों नहीं मेरी जान? फिर में मेरी शर्ट उतारकर लेट गया और वो मेरे ऊपर आ गई और मुझे किस करने लगी, पहले गालों पर, फिर गले पर, फिर मेरी छाती पर, ऐसे करते करते वो मेरे लंड तक चली गई.. फिर उसने मेरे लंड को बाहर निकाला और पेंट को उतारकर फेंक दिया और बोली कि भैया आपका लंड इतना बड़ा है.. मैंने आज तक इसको आँख बंद करके ही महसूस किया था, लेकिन आज पहली बार में इसको अपनी आँखो से देख रही हूँ.. फिर मैंने बोला कि बहना आज इसे खाकर भी महसूस करो, जैसा कि ब्लूफिल्म में तुमने देखा था.. फिर उसने मेरा लंड अपने मुहं में लिया और चूसने लगी, लेकिन उसने अब तक सिर्फ़ मेरे लंड का सुपाड़ा ही मुहं में लिया था.. फिर मैंने उससे कहा कि पूरा अंदर ले लो, तुम्हे ऐसा करने से बहुत मजा आएगा फिर वो तुरंत नीचे लेटकर लंड चूसने लगी और मेरा पूरा लंड अपने मुहं में लेने लगी, आअहह उूफफ्फ़ हाँ और ज़ोर से चूसो मेरी रंडी हाँ और ज़ोर से मैंने उससे बोला..

फिर उसने कहा कि भैया में तुम्हारी बहन हूँ कोई रंडी नहीं.. फिर मैंने कहा कि तुम ऐसे चूसोगी तो रंडी ही लगोगी और फिर उसको जोश आया तो वो और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी, मुझे ऐसा मज़ा आज तक नहीं आया था और अब वो लगातार चूसने लगी.. फिर दस मिनट के बाद मैंने अपना पूरा वीर्य उसके मुहं में छोड़ दिया और वो परेशान हो गई कि यह क्या है इसका मज़ा तो बिल्कुल अलग है.. फिर वो उठी और बाथरूम में जाकर उसने पानी से अपना मुहं धो लिया.. फिर में अपनी छोटी बहन को लेटाकर उसके बूब्स को दबाने लगा और उसके निप्पल को चूसने लगा, वो आआअहह उूउऊहह वाह बहुत मज़ा आ रहा है भैया और चूसो कहने लगी और में उसके बूब्स को दबाने लगा, आआहह भैया उूउऊहह उफफफफफ्फ़ और फिर वो चिल्लाने लगी कि इतना ज़ोर से मत दबाओ, दर्द हो रहा है.. फिर मैंने अब आहिस्ता आहिस्ता किस करते करते उसकी नाभि तक आ गया.. रुकसाना ने कहा कि भैया जैसा ब्लू फिल्म में एक आदमी औरत को नीचे से चाटता है प्लीज आप भी ठीक वैसे ही करो ना.. फिर मैंने कहा कि क्यों नहीं मेरी प्यारी सेक्सी बहन.. फिर मैंने अब नीच होकर उसकी सलवार को उतार दिया और मैंने देखा कि उसने काली कलर की पेंटी पहनी हुई थी, उन गोरे गोरे पैरों के बीच वो काली पेंटी मेरी बहन तो उस दिन सेक्सी माल लग रही थी..

फिर में उसकी पेंटी के ऊपर से ही चूत को सहलाने लगा और थोड़ी देर सहलाने के बाद मैंने उसकी पेंटी को निकाल दिया, वाह दोस्तों क्या नज़ारा था और मेरी बहन ने आज ही अपनी चूत के बाल साफ किए थे.. मेरी बहन की कुँवारी चूत देखकर में तो पागल हो गया.. फिर मैंने उसकी चूत में एक उंगली डाली, लेकिन एक उंगली भी उसमें बहुत मुश्किल से जा रही थी और थोड़ी देर बाद उंगली करने के बाद मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया, वाह क्या टेस्ट था थोड़ा नमकीन मीठा.. अब वो जोश में आवाज़े निकालने लगी, आआआहह भैया उूफफफफ्फ़ आईईईईईईईई भैया बहुत मज़ा आ रहा है और ज़ोर से चाटो और चाटो कहते हुए वो मेरे सर को पकड़कर अपनी चूत पर धकेलने लगी, मेरी बहन अब पूरे जोश में आ गई थी, आआअहह उूईईईईईईईईईईईई.. फिर करीब दस मिनट तक चूत चाटने के बाद वो झड़ गई और उसका पूरा पानी मेरे चेहरे पर आ गया और उसका पूरा बदन काँप रहा था और बहुत ज़ोर ज़ोर से काँप रहा था.. फिर मैंने अपने बचे हुए कपड़े भी उतार दिए और अब हम दोनों भाई, बहन पूरे नंगे थे.. फिर वो पूछने लगी कि भैया में अब और चूसूं? फिर मैंने कहा कि पूछती क्या हो? उसने फिर से चूरुकसाना शुरू किया, वो वाह क्या मस्त चूसती है और थोड़ी देर चूसने के बाद मैंने उससे कहा कि अब तुम लेट जाओ, अब मेरा काम होगा.. फिर उसने पूछा कि काम क्या? मैंने अब अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर रख दिया और धीरे धीरे अंदर धकेलने लगा, लेकिन वो अंदर जा ही नहीं रहा था, क्योंकि मेरी बहन की चूत इतनी टाईट थी.. फिर में उठकर गया और वेसलिन लेकर आया और फिर उसकी चूत पर लगाकर अपना लंड अंदर धकेलने लगा और आधा लंड अंदर जाते ही मेरी बहन ज़ोर से चिल्लाई आआआहह भाईईईयाआआ प्लीज बाहर निकालो, बहुत दर्द हो रहा है..

फिर मैंने उसके होंठो पर अपने होंठ लगाकर किस करते करते एक झटके से अपना पूरा 8 इंच का लंड उसकी छोटी सी चूत में घुसा दिया और वो बिना पानी की मछली की तरह तड़पने लगी.. में अपना लंड उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा, लेकिन थोड़ी देर तड़पने के बाद वो शांत हो गई और उसको भी मज़ा आने लगा था और वो चिल्लाने लगी, आआआहह भैयाआआ और ज़ोर से डालो, ज़ोर से डालो, उुफफफफफफ्फ़ मैंने कहा कि बहना डर मत, आज में तेरी चूत फाड़ डालूँगा ऊऊऊऊऊऊऊहह आआहहहह.. 15 मिनट तक चुदाई करने के बाद वो झड़ गई.. फिर जब वो झड़ी तो मेरा लंड अंदर ही था और उसकी चूत इतनी टाईट हो गई थी कि मानो मेरे लंड को कोई हथोड़े से दबा रहा हो और ऐसा लग रहा था में और ज़ोर से धक्के देने लगा आुउऊहह फफकककककक में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ रुकसाना.. फिर उसने कहा कि में भी आपसे बहुत प्यार करती हूँ भैया और ज़ोर से चोदो मुझे ज़ोर ज़ोर से चोदो भैया करीब बीस मिनट तक चोदने के बाद में अपनी बहन की चूत में ही झड़ गया.. अब हम दोनों नंगे थककर एक दूसरे के ऊपर पड़े हुए थे.. उस दिन हम दोनों ने दो घंटे तक चुदाई की और शाम को मैंने मेडिकल से एक आईपिल लाकर उसको खिलाई और उसके बाद से अब तक हम जब भी मौका मिलता तो हम ज़रूर चुदाई करते है.. दोस्तों मेरा मानना है कि घर में चुदाई करना बहुत आसान और सुरक्षित भी है ….



loading...

और कहानिया

loading...
2 Comments
  1. harshita
    February 24, 2017 |
  2. harshita
    February 24, 2017 |

Online porn video at mobile phone


xxxxxxx.hinde.kahane.sturemom chacha na mil kar sex kya sex storyxxx kahani bahan balconysex kehani hindiXxx चोदाई कहानी हिनदी मेpati ke dost ne milkeer bahut choda hindi storysacchi bhai bahan ki sex kahaaniyaमालकिन फोन पर मालिक से रोमांस करती रही मैं चोदता रहाsarso ka tel .co.in xxx hindi jabrjastiXXX KAHANE RESTA अंटी की चुदाई की कहानीHindi sexsy kamukkta nokar k sath बूढ़ीचाची बेटे खेत में सेक्स कहानी दिखाईdhande bali ki xxx kahaniya or photosh hidi meBihari bhabhi ki chudai Karwa Chauth katha in Hindiबडि चुत फोटोxxx hot girl Hindi jabarjast chikh nikalana videohindi six kahaniभाई बहन की अंतरवासनाकी सच्ची अनसुनी काहानीयाAaguli se chodne ki kahanisexx xxx sex story suhgra tpariwarik groupsex chudaikahanihindi saxy khaniyaजपानी लरकी बुर फारा कहानीया HDkamukta sex storySuman bhagni ko choda kahanirat me sote samaye bhavi ko devar ne choda xxx videoरिश्तों में गे सेक्स स्टोरी इन हिंदीचावट कथा देवर भाभीपिताजी na jaberjsti sexxx की sexxxxandher me riston mea chudaibhai bhan boor chodei poto xxxxxxSex stori hindi kamuktaसोई आटी सेकस कहानि 2018जीजा और साली की गांड मारी फोटो सहित 16 साल की जवानी का रस पियाxxx ki hindi me kitabचुदाई चाची की समुहिकxxx hot sex story gandu ki sex kahani muje riksha wale ne codaHindi cudai ki kahanikuari randi ki cudaiminu ki chut video xxx story hindisaxy kahani kamukte comsil tod kahani photohindi didi ki fati cut ki cudai ki kehaniyaxxx kahanisex karte huye story hindi mहिंदी विलेज पोर्न स्टोरी मांhindi sex khani risto me.comshemale.dosti karny wala phone.numbersex janwar our jadke kahaneहिदा कहानि शेकसि रिशतो मेxxxx mama and bhanji dipaliभाइ बहन की सेक्सी कहानिया व शादी कर लिसैतेली मॉ की बियफ अवजओ भाई तेरा लण्ड कितना बड़ा हैXxx Savitri ki burHINDE ST0RY ANUJ MAME CHUT 2018 XXXXपति पत्नी की सेक्स कहानी dost ki bahan ne mujhase sill paik vala chudvayabhaut buri trah se seel thodi bhabi sex videoजीजी भाई New hot xxxxmom ki fati penty ka diwana tha kahaniantar basna xnxx satoreinden sex kahaneMera lamba Lund Bhabhi ki chut maisex stories in Hindiधोबी मा अर बैटा का चुदाई कहानी XXXXXसेक्स काहनी बहन भाई सगेHindi chudaai kahaani pics k saathmoot marata pakada bhabi na xxxdidi ko cota bahi na cohada xxxx kahani mp3 risto me chudai kamukta do do teacher ke sath afear suknyaXXX hindi sachi full kahaniyaGANDIKHANIYA BUAjiji ma or bhai se chudai karai ki kahanima ne muth marte pakd lia sex stories hindi mia