जुड़वा बहन की सील तोड़कर गांड फाड़ी

 
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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम इरफ़ान है और मेरी उम्र 18 साल है. में सीकर का रहने वाला हूँ और हम लोग सीकर में ही रहते है, क्योंकि मेरे पापा एक सरकारी टीचर और मेरी मम्मी नर्स है. दोस्तों में और मेरी जुड़वा बहन आयशा बचपन से ही साथ साथ रहे, लेकिन अब वो जयपुर से अपनी पढ़ाई कर रही है और में एक कॉलेज में अपनी दूसरे साल की पढ़ाई कर रहा हूँ.

दोस्तों आयशा एक होस्टल में रहती है तो उस होस्टल का असर कुछ उस पर भी हुआ और वो मुझे सब कुछ बताती रहती है कि होस्टल में क्या क्या होता है? हम आपस में इतने खुले हुए थे कि जब पापा रात को मम्मी की चुदाई करते थे तो हम दोनों छुपकर एक साथ उनका काम देखते, जिसकी वजह से मेरा लंड खड़ा हो जाता था, लेकिन हमने कभी भी सेक्स नहीं किया था.

दोस्तों में आज आप सभी चाहने वालों को अपनी एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ और अब भी जिसके बारे में सोचकर मुझे ऐसा लगता है कि यह मेरा कोई देखा हुआ सपना होगा और अब में अपनी कहानी की तरफ आगे बढ़ता हूँ. दोस्तों उस समय आयशा 15 दिन पहले ही जयपुर से अपने सेमेस्टर खत्म करके सीकर आई हुई थी.

मुझे उसको देखकर बहुत अच्छा लगा, क्योंकि में उससे बहुत दिनों के बाद मिल रहा था और वैसे आयशा दिखने में बहुत ही हॉट है और उसका फिगर 32-28-34 है और वो जीन्स और टॉप में बहुत ही मस्त नज़र आती है. फिर उसने मुझे बताया था कि उसके साथ के कुछ लड़के उसे कैसे छेड़ते है और कैसे कैसे ताने मारते है, वो होस्टल में अपनी दोस्तों के साथ ब्लूफिल्म भी देखती थी और कॉलेज में हम दोस्त कभी कभी ब्लूफिल्म एक दूसरे के मोबाईल से भी ले लेते थे. दोस्तों मुझे और आयशा दोनों को ही सेक्सी वीडियो देखने का भी बहुत चस्का लग चुका था. फिर मैंने बाथरूम में उसकी लटकी हुई पेंटी देखी तो वो भी बिल्कुल छोटी सी गुलाबी कलर की जालीदार थी, उस पेंटी को देखकर मेरा लंड एकदम तनकर खड़ा हो गया.

फिर मैंने आयशा की पेंटी पर मुठ मारकर मेरे लंड का पानी निकाल दिया और बाद में सोचने लगा कि आयशा ने मेरे लंड के पानी से सनी हुई पेंटी को पहने वो जब चलती थी तो उसके दोनों कुल्हे अलग अलग नज़र आते थे, जिनको देखकर मेरा मन करता था कि में अपना लंड इसकी गांड में डाल दूँ.

एक दिन मेरे पापा और मम्मी किसी ज़रूरी काम से दो दिन के लिए जयपुर चले गये और यह 15 दिन पहले की बात है. उस समय घर पर में और मेरी जुड़वा बहन आयशा दोनों ही थे, पापा और मम्मी सुबह जल्दी निकल गये, उस समय आयशा सो रही थी तो पापा और मम्मी को मैंने ही स्टेशन तक छोड़ दिया और में वापस आकर चुपके से आयशा के पास सो गया था और अब मेरा लंड खड़ा हो गया था, जो मेरी पेंट में से नज़र आ रहा था और आयशा उस समय लाल कलर की केफ्री पहने हुए थी, जो पीछे से उसकी चूतड़ में पूरी घुसी हुई थी और वो मस्त होकर सो रही थी. इतने में उसकी नींद खुली तो उसकी नज़र सीधी मेरे खड़े लंड पर गई.

फिर में अपनी चोर नज़र से उसे देख रहा था, तभी मेरे लंड को देखकर उसने कुछ देर अपनी चूत को सहलाया और फिर वो अचानक से उठकर सीधी बाथरूम में चली गई और उसने कुछ देर बाद वापस आकर मुझे आवाज़ लगाकर मुझसे पूछा कि क्या मम्मी और पापा चले गये? तो मैंने नींद में ही बड़बड़ाकर उससे कहा कि हाँ तो वो मेरी बात को सुनकर समझ गई कि में अभी पूरी तरह से जगा हुआ नहीं हूँ, इसलिए उसने मेरे सामने ही अपनी केफ्री को उतारकर अपनी पेंटी को मेरे पास चुपके से रख दिया और फिर वो वापस अपनी केफ्री पहनकर मेरे पास सो गई और वो मेरे लंड को देखने लगी.

में उसकी पेंटी की खुशबू से में एकदम पागल हो गया और नींद में होने का नाटक करते हुए मैंने अपना एक पैर उसके कूल्हों पर टिका दिया तो वो भी गरम हो गयी और उसने अपना एक हाथ मेरे लंड पर रख दिया और उसके बाद अब हम दोनों समझ चुके थे कि इसके आगे क्या होने वाला है?

फिर मेरा लंड भी धीरे धीरे फड़फड़ाने लगा, जिसकी वजह से उसको भी बहुत मज़ा आ रहा था, वो मेरे लंड को अपने एक हाथ से दबा रही थी और फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों एक दूसरे से लिपट गये और में आयशा के चूतड़ और बूब्स को दबाने लगा.

फिर वो भी मेरे होंठो से अपने होंठ मिलाकर मुझे किस करने लगी और मेरी पेंट का हुक खोलकर उसने मेरी पेंट को उतार दिया और मैंने उसका टॉप उतार दिया तो मैंने देखा कि उसने टॉप के अंदर ब्रा नहीं पहनी थी और मुझे उसके बिल्कुल सुडोल से बूब्स हल्के गुलाबी कलर की निप्पल के साथ बहुत मस्त लग रहे थे.

अब आयशा ने मेरी टी-शर्ट को भी उतार दिया और अब में केवल अंडरवियर में था, जिसमें से मेरा लंड एक तरफ से बाहर निकल गया था और फनफना रहा था. दोस्तों मेरे लंड का साईज़ खड़ा होने के बाद 7 इंच है और मेरा बिल्कुल गुलाबी कलर का लंड है और आगे का टोपा करीब तीन इंच का है और मेरा टोपा पूरा विकसित होकर आगे से मशरूम की तरह नज़र आता है.

तभी अचानक से आयशा मेरी अंडरवियर को नीचे उतारकर मेरा लंड को चूसने लगी और मैंने भी सही मौका देखाकर उसकी केफ्री को उतार दिया और वो भी बिल्कुल नंगी हो गई. मैंने देखा कि उसकी चूत बिल्कुल चमक रही थी, जिस पर हल्के भूरे कलर के बाल थे और उसके चूतड़ बहुत टाईट थे, लेकिन उसकी चूत अभी तक पूरी तरह से कच्ची थी.

फिर मैंने भी उसकी चूत पर अपना मुहं लगा दिया और चूत को अपने एक हाथ से फैलाकर अंदर तक अपनी जीभ को डालकर चाटने लगा और फिर मेरी जीभ से उसकी चूत के होंठो के बीच उसके दाने को रगड़ा तो वो सिसकियाँ भरने लगी. दोस्तों उसकी चूत की झिल्ली अभी तक फटी नहीं थी और जो यह बता रही थी कि मेरी बहन को अभी तक उसके साथ के किसी भी लड़के ने नहीं चोदा और मैंने उसकी कुंवारी चूत के साथ साथ उसकी कुवारी गांड को भी चाटा और उसने भी मेरी गांड को चाटा और अब हम दोनों एक दूसरे में पागल हो गये थे.

फिर इतने में आयशा अचानक उठी और उसने अपना मोबाईल लेकर उसमें ब्लूफिल्म चला दी और उस फिल्म को देख देखकर हम एक दूसरे के अंगो से खेलते रहे, ब्लू फिल्म में जैसा जैसा हो रहा था हम भी ठीक वैसे ही कर रहे थे, तभी अचानक उसने मुझे चूतड़, लंड, जांघो, छाती पर काट खाया तो में एकदम मदहोश हो गया और मैंने भी उसके निप्पल और चूतड़ पर काट लिया.

अब में उसकी चूत को चूसने लगा और वो भी मेरा लंड चूसने लगी. फिर करीब 15 मिनट बाद उसकी चूत में से पानी निकल गया और उसके साथ साथ मेरे लंड से भी वीर्य निकल गया तो आयशा मेरे लंड का वीर्य पी गयी और मैंने भी उसकी चूत का जूस पी लिया. उसका स्वाद मुझे बहुत अच्छा लगा. हम दोनों दस मिनट तक उसी पोज़िशन में चिपक कर लेटे रहे और फिर हम दोनों पूरे नंगे ही किचन में चले गये और चाय बनाई तो वहां पर भी हम एक दूसरे से मस्ती करते रहे और मैंने अपना लंड उसके चूतड़ों के बीच में फंसा दिया.

अब वो वहीं पर झुककर मेरे लंड को पकड़कर अपनी गांड के छेद में धक्का देने लगी, लेकिन मेरा लंड उसकी टाईट और कुंवारी गांड में नहीं गया. अब वो तुरंत किचन में ही मेरे सामने घोड़ी बन गई और वो अब पीछे से अपनी चूत में मेरा लंड पकड़कर अंदर लेने के लिए तैयार हो गयी. फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत में डालने की कोशिश की, लेकिन लंड आगे नहीं गया और में उठकर खड़ा हो गया. दोस्तों उस समय हम दोनों चाय पीना भूल गये, जो अब तक बिल्कुल ठंडी हो गई थी.

फिर से चाय को गरम किया और दोबारा रूम में अपने बेड पर आ गये और हमने अपनी चाय को खत्म किया, लेकिन हम दोनों के अंदर की हवस अभी भी बुझी नहीं थी और में आयशा की चूत और गांड के छेद में लंड डालने को बहुत बैताब था. फिर में उठकर गया और ड्रेसिंग रूम से क्रीम लेकर आ गया और उसे आयशा की चूत और गांड पर लगाकर मैंने उसकी चूत, गांड की मालिश की और फिर उसने भी बहुत सारी क्रीम मेरे लंड और दोनों आंड पर लगाई और फिर मेरी गांड पर भी लगाई.

दोस्तों हम दोनों एक दूसरे को बहुत मज़ा देते हुए मज़ा ले रहे थे, क्योंकि उस समय घर पर हम दोनों बिल्कुल अकेले थे और इसलिए हमे किसी के आने का डर भी नहीं था, तभी अचानक से मुझे याद आया कि जब मेरी मम्मी के पीरियड आते है तो वो एक क्रीम काम में लेती थी, वो मैंने चुपके से देख लिया था और मुझे यह भी पता था कि वो क्रीम कहाँ पर रखती है. मैंने मम्मी का वो क्रीम लिया और वो आयशा की चूत और गांड पर रगड़ने लगा और मैंने उसकी चूत में अपनी उंगली को डाल दिया, लेकिन जैसे ही मैंने उसकी चूत में अपनी उंगली डाली तो उसको एकदम से झटका लगा और बहुत ज़्यादा मज़ा आने लगा.

फिर उसकी गांड में भी क्रीम लगाकर मैंने अपनी उंगली डाल दी और रगड़ने लगा. अब में आयशा के दोनों छेदो को अपनी दोनों उंगली से चोद रहा था और मेरा लंड तो फनफना रहा था. फिर वो बहुत ज़ोर से चिल्लाई और मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत पर ले गई. मैंने अपने लंड को उसकी चूत और गांड की दरार में रगड़ा और फिर क्रीम लगाकर उसकी चूत पर मेरे लंड का टोपा रख दिया. दोस्तों मेरी उम्र से मेरा लंड कुछ ज़्यादा ही बड़ा और मोटा था, जो उसकी चूत को फाड़ने के लिए अब एकदम तैयार खड़ा था और हम आज पहली बार ही चुदाई कर रहे थे, क्योंकि आयशा कभी किसी से चुदी नहीं थी और ना ही मैंने कभी किसी को चोदा था, लेकिन ब्लूफिल्म देखकर हमे चुदाई के बारे में बहुत अनुभव था.

फिर मैंने आयशा को सीधा लेटाकर उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर उठा लिया और पैरों को चौड़ा करने से उसकी चूत के होंठ पूरे खुल गये और छेद साफ साफ दिख रहा था. फिर मैंने क्रीम लेकर उसकी चूत और मेरे लंड के टोपे पर लगाई और सही पोज़िशन बनाकर उसके पैरों को मजबूती से पकड़ा और थोड़ा सा रुककर पूरी ताक़त के साथ ज़ोर का धक्का दिया, जिसकी वजह से मेरे लंड का टोपा उसकी चूत को फाड़कर उसमें घुस गया और आयशा ज़ोर से चिल्लाकर रोने लगी. फिर में उसी पोज़िशन में वैसे ही रुक गया और उसके बूब्स की मालिश करने लगा. मैंने उसको लिप किस किया. फिर जब वो थोड़ा शांत हुई तो मैंने दोबारा तीन चार धक्के मारे तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया और वो दर्द से तड़प रही थी और अब उसकी चूत से खून निकल गया था.

अब में उसको पकड़कर उसके निप्पल को चूसने लगा. मैंने उसकी चूत पर क्रीम लगाकर सहलाया, लेकिन मैंने अपना लंड बाहर नहीं निकाला था और वो मुझे धक्का देकर मेरा लंड बाहर निकालना चाह रही थी, लेकिन मैंने नहीं निकालने दिया. फिर थोड़ी देर बाद उसको भी अच्छा लगने लगा और वो भी अब चुदाई में मेरा साथ देने लगी. दोस्तों आज एक जुड़वा भाई और बहन आपस में चुदाई कर रहे थे और यह ख्याल आते ही में फिर से पागल हो रहा था और मुझे जोश आ रहा था.

मैंने उसकी चूत में पहली बार लंड डाला था तो इस बात से भी में गरम हो रहा था और ऐसा सोचते हुए मैंने उसको चोदना शुरू कर दिया और वो भी अपने चूतड़ों को हिला हिलाकर मेरा पूरा साथ दे रही थी. फिर मैंने अब अपनी चुदाई की स्पीड को तेज कर दिया और ताबड़तोड़ चुदाई से वो सिसकियाँ निकालने लगी और ऐसे ही चुदते चुदते मैंने उसके हाथों से मेरी गर्दन को पकड़वाया और मेरे दोनों हाथों से उसके पैरों को पकड़कर उसको गोद में उठा लिया और फिर में उसको खड़े खड़े चोदने लगा.

फिर कुछ देर चोदने के बाद मैंने उसे अचानक से बेड पर पटककर एक ज़ोर से धक्का दे दिया तो उसकी चूत का कचूमर निकल गया. दोस्तों चुदाई में कोई रिश्ते नहीं होते इस बात को ध्यान में रखकर में अपनी सग़ी बहन को धमाधम धक्के देकर चोद रहा था. फिर कुछ देर बाद मैंने उसको डॉगी बनाकर पीछे से उसकी चूत में लंड डालकर मैंने उसे चोदना शुरू कर दिया, करीब 25-30 मिनट बाद वो अचानक अकड़ने लगी और झड़ गई.

फिर मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि उसकी चूत ने मेरे लंड को अंदर से पकड़ लिया हो और मैंने ज़ोर से कुछ धक्के मारे तो मेरा भी पानी निकल गया और हम इस पोज़िशन में निढाल होकर बेड पर ही लेट गये और कुछ देर बाद मैंने उसकी चूत से लंड को बाहर निकाला और 69 की पोज़िशन में आकर उसने मेरे लंड को और मैंने उसकी चूत को बहुत देर तक चाटा और उसने मेरे लंड को लोलीपोप की तरह चूसा. फिर हम दोनों नंगे ही बाथरूम में चले गये और हम नहाने लगे. नहाने के समय भी हम छेड़खानी करते रहे और वो मेरे लंड को पकड़कर मुझे चिड़ा रही थी कि में मेरी सभी फ्रेंड्स को बताउंगी कि मेरे भाई का लंड कैसा है और कितना बड़ा है?

नहाने के बाद हम वापस रूम में आ गये तो देखा कि बेडशीट पूरी खराब हो चुकी थी और चूत के फटने की वजह से आयशा सही तरह से नहीं चल पा रही थी, उसको बहुत दर्द हो रहा था, लेकिन उसकी गांड तो अभी भी कुंवारी थी और उसकी गांड की खुजली भी तो मुझे ही ख़त्म करनी थी. अब मैंने उसको पकड़ लिया और उसकी गांड की दीवारों के बीच क्रीम लगाई और हाथ से रगड़ना शुरू किया तो वो अब मुझसे अपनी गांड को मरवाने के लिए अपनी गांड को उठा उठाकर तड़पने लगी और फिर उसने मेरे लंड पर भी क्रीम लगाई.

दोस्तों तब मैंने महसूस किया कि मेरे लंड में भी बहुत दर्द हो रहा था और हम दोनों एक दूसरे में समाये जा रहे थे और मैंने उसकी गांड में उंगली करके पहले तो गांड को खोला और फिर लंड को छेद पर रख दिया और बहुत सारी क्रीम लगाई. फिर उसके पैरों को अपने कंधे पर लेकर उसकी गांड में ज़ोर के धक्के से लंड का टोपा अंदर घुसा दिया और फिर में वहीं पर रुक गया, क्योंकि मेरी सग़ी और प्यारी बहन अब उस दर्द से रोने लगी थी और उसकी आंख से आँसू निकल आए थे, जो में नहीं देख सकता था, क्योंकि में आयशा से बहुत प्यार करता हूँ और मेरे मम्मी, पापा भी उसको बहुत प्यार करते है, वो अलग बात है कि में इस समय उसकी बेरहमी से चुदाई कर रहा था.

फिर थोड़ा रुक रुककर में दो तीन धक्कों के साथ पूरा लंड उसकी गांड में डालने में सफल हो गया और अब उसकी गांड में बहुत दर्द हो रहा था, जो धीरे धीरे कम हुआ और वो मज़े करने लगी. फिर मैंने अपनी चुदाई की स्पीड को भी बढ़ा दिया और 15-20 मिनट की चुदाई के बाद में झड़ गया और मैंने उसकी गांड को अपने गरम गरम लावे से भर दिया और हम दोनों कुछ समय के लिए ऐसे ही रहे.

फिर उसने मेरे लंड को और मैंने उसकी गांड को मुहं से चाटकर साफ किया और फिर हम सो गये, क्योंकि हमें चुदाई करते करते बहुत समय हो गया था. दोस्तों मैंने उस रात और अगले दिन भी आयशा की चूत और गांड की बहुत जमकर चुदाई की और उसको बहुत मज़ा आया और फिर वो मुझसे कहने लगी कि तू जब अगली बार होस्टल में मुझसे मिलने आएगा, तब भी हम बहुत जमकर चुदाई करेंगे, क्योंकि मेरी अधिकतर फ्रेंड्स होस्टल के रूम में अपने अपने दोस्त से चुदवाती रहती है.

अब में भी उसकी यह बातें सुनकर मन ही मन होस्टल में जाकर मेरी बहन को चोदने के सपने देखने लगा. अब मुझे मेरी बहन का किसी और लड़के से चुदने का डर बिल्कुल ख़त्म हो गया था, क्योंकि उसने अपनी चूत और गांड में मेरा लंड ले लिया था और अब वो मेरे लंड के बारे में ही सोचती रहती थी और अब में उससे मिलने होस्टल जाऊंगा तो उसे ज़रूर चोदकर आऊंगा.



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