मेरे दोस्त ने मेरी माँ की चुदाई की

 
loading...

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम मयंक है और मेरी माँ का नाम सुनीता है। वो दिखने में एक बहुत ही सेक्सी औरत है और उनकी उम्र करीब  साल है और उनका रंग गोरा, हाईट 5.6 है। उनके सेक्सी फिगर का साईज 42-38-44 है। जो भी उनके बूब्स, मटकती हुई गांड को देखता है बस उन्हे चोदना चाहता है।

जब वो बाज़ार में निकलती तो उनकी गांड को देखकर सबका लंड तनकर खड़ा हो जाता और कभी कभी तो बस में कितने ही लोग सही मौका देखकर उनकी गांड को दबा देते थे, लेकिन माँ इन सबसे बहुत मज़े किया करती थी। उन्हें किसी को अपनी तरफ आकर्षित करना बहुत अच्छा लगता है।

दोस्तों मैंने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने एक प्राईवेट कॉलेज में बी.कॉम में अपना नाम लिखा लिया था। वहां पर मुझे अब नये नये दोस्त मिले। उनमे से मेरा एक सबसे अच्छा दोस्त बन गया था। उसका नाम रविंदर था और वो हमेशा मेरी हर किसी काम में मदद किया करता था।

वो एक लंबा, हट्टा कट्टा बॉडी बिल्डर था और वो दिखने में बहुत अच्छा लगता था, लेकिन उसे आंटियों को चोदने का बहुत शौक था। यह बात मुझे उससे कुछ दिनों बाद पता चली कि वो सेक्स करने का बहुत आदी है और उसे ज्यादा उम्र की चूत को चोदना बहुत अच्छा लगता है।

दोस्तों आज में आप सभी को उसने जो सब कुछ मेरी माँ के साथ किया और उन्हें किस तरह से चोदा, वो सब आज मस्तराम डॉट नेट पर बताने वाला हूँ। दोस्तों एक दिन की बात है में उसे अपने घर पर ले गया। उस दिन के बाद वो मेरी माँ का दीवाना हो गया और उनकी चुदाई की कहानी भी उसी दिन से शुरू हुई।

अब मैंने दरवाजे पर लगी घंटी बजाई तो मेरी माँ ने दरवाजा खोला और फिर रविंदर को देखते ही मेरी माँ की आखों में एक अजब की चमक आ गई और अब रविंदर भी माँ को देखता रह गया। उसने माँ से कहा कि हैल्लो आंटी और माँ भी उसे हैल्लो बेटा कहा और उन्होंने उससे बैठने के लिए कहा। फिर माँ किचन में चली गई तो मैंने रविंदर को देखा तो वो अब भी माँ की मटकती हुई गांड ही देख रहा था

मुझे बहुत अजीब लग रहा था, लेकिन मैंने उस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। धीरे धीरे अब रविंदर और मेरी माँ में अच्छी दोस्ती हो गई और अब जब भी में अपने घर पर नहीं रहता तो रविंदर मेरे घर में आकर माँ से बातें करता और वो दोनों एक बहुत अच्छे दोस्त बन गये थे और कभी कभी तो वो मेरी माँ से नॉनवेज मज़ाक भी किया करता था और माँ भी जवाब में मुस्कुरा देती थी।

एक दिन माँ ने उससे कहा कि रविंदर तुम मुझे आंटी क्यों बोलते हो, में तो तुम्हारी दोस्त हूँ? तुम मुझे सिर्फ सुनीता ही बोलो। तो माँ के मुहं से यह सुनकर रविंदर बहुत खुश हुआ और उसे लगा कि उसे माँ को चोदने का सिग्नल मिल गया है और फिर एक दिन जब में घर पर आया तो मैंने देखा कि माँ और रविंदर की आवाज़ किचन से आ रही है। आप ये कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

में जब किचन की तरफ गया तो मैंने देखा कि माँ उस समय खाना बना रही थी और रविंदर उनके पीछे खड़े होकर उसकी गांड में अपना 8 इंच का लंड रगड़ रहा है, लेकिन माँ उसे कुछ नहीं बोल रही थी। मुझे यह सब देखकर बहुत अच्छा लग रहा था इसलिए में चुपचाप अपने कमरे में चला गया।

एक दिन रविंदर ने मुझसे कहा कि चलो आज हम कोई फिल्म देखने चलते है। तो में उसके कहते ही तुरंत मान गया और फिर हम लोगो ने उसके अगले दिन फिल्म देखने का प्रोग्राम बनाया और अगले दिन जब में रविंदर के घर पर गया तो उसने मुझसे कहा कि मयंक मेरी तबीयत आज थोड़ी ठीक नहीं है और तुम अकेले ही फिल्म देखने चले जाओ।

दोस्तों मुझे अब कुछ गड़बड़ लगी और मुझे उसके कहने पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं हो रहा था, लेकिन फिर भी मैंने उससे बोला कि ठीक है यार तू आराम कर और में अकेले ही फिल्म देखने चला जाता हूँ और फिर में वहां से चला गया। अब में फिल्म देखने ना जाकर उसके घर के पीछे छुप गया। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने देखा कि रविंदर अपने घर से बाहर निकला और मेरे घर की तरफ जाने लगा।

में भी उसके पीछे पीछे छुपकर चला गया और अब अपने घर पर पहुंचकर में पीछे वाले रास्ते से अपने घर में घुस गया। मैंने देखा कि कुछ देर बाद मुझे अपनी मम्मी के बेडरूम से आवाज़ आ रही थी। रविंदर कह रहा था कि सुनीता आज डांस करने का मूड है, चलो ना हम डांस करते है।

दोस्तों उस समय माँ काली कलर की साड़ी पहने हुई थी जिसमे वो बहुत मस्त लग रही थी। माँ ने उससे कहा कि चलो ठीक है और अब वो दोनों डांस करने लगे। फिर कुछ देर के बाद माँ ने कहा कि रविंदर अब मुझे बहुत गरमी लग रही है क्यों ना हम कपड़े खोलकर डांस करे। दोस्तों रविंदर तो बहुत देर से इसी बात का इंतज़ार कर रहा था।

वो बोला कि हाँ सुनीता गरमी तो है, चलो हम अपने अपने कपड़े उतार लेते है, अब उसने जल्दी से अपनी शर्ट, पैंट को उतारकर फेंक दिया और अब सिर्फ़ वो अंडरवियर पहने हुए था। माँ ने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए और वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी जिससे वो अब मुझे पूरी रंडी लग रही थी में अब छुपकर उनका यह खेल देख रहा था और मज़े ले रहा था।

कुछ देर बाद रविंदर माँ को पकड़कर डांस करने लगा और माँ ने भी उसे कसकर पकड़ लिया। इस बीच में रविंदर ने माँ की पेंटी में पीछे से अपना एक हाथ डाल दिया और अब वो उनकी गांड को दबाने लगा और मसलने लगा।आप ये कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

माँ के मुहं से निकला ऊऔच? रविंदर ने कहा कि क्या हुआ सुनीता डार्लिंग क्या तुम्हे बुरा लगा? माँ ने कहा कि नहीं मज़ा आ रहा है जान, बस इतना कहकर माँ ने रविंदर का लंड अंडरवियर के ऊपर से पकड़ लिया और फिर मुस्कुराते हुए कहा कि वाह कितना बड़ा है तुम्हारा, क्या मुझे नहीं खिलाओगे?

तो रविंदर ने कहा कि हाँ सुनीता यह अब तेरा ही है, खा लो और तुरंत वो दोनों लिप किस करने लगे। उन दोनों ने एक दूसरे को 15 मिनट तक लगातार चूमा और रविंदर ने माँ के होंठ पर एक बार काट भी लिया और चूसकर चूसकर उसने माँ की ब्रा और पेंटी को फाड़ दिया और खुद भी अपनी अंडरवियर को फाड़कर दोनों नंगे हो गये।

माँ ने उसका लंड देखकर उसे बहुत देर तक चूसा तो वो कहने लगी कि वाह कितना स्वादिष्ट लंड है तुम्हारा? फिर रविंदर उसने कहा कि मेरी रानी और ज़ोर से चूस हाँ बहुत मज़ा आ रहा है। वो रविंदर के लंड को 20 मिनट तक चूसती रही और अब रविंदर ने माँ को बेड पर लेटा दिया l

वो माँ की चूत को चाटने लगा माँ ज़ोर ज़ोर से आहें भर रही थी आह्ह्हह्ह उह्ह्हह्ह्ह्ह और चाटो मेरी जान पी जाओ मेरी चूत का रस आहह्ह्ह्ह उह्ह्ह्हह्ह फिर करीब 15 मिनट चाटने के बाद रविंदर ने माँ की चूत को चाट चाटकर पूरा गीला कर दिया और फिर उसने अपना लंड माँ की चूत में घुसा दिया।

माँ के मुहंह से एक जोरदार चीखने की आवाज़ निकल गई अहहहह उह्ह्हह्ह्ह्ह प्लीज थोडा धीरे करो, क्या मुझे आज मार ही डालोगे क्या? कितना बड़ा है तुम्हारा, थोड़ा धीरे से। फिर उसने कहा कि चुप साली रंडी इतने दिन से में इंतज़ार में था, आज तुझे ऐसे छोड़ने वाला नहीं हूँ। अब तू चुपचाप मुझसे चुदवा।

तो माँ ने कहा कि हाँ और ज़ोर से करो उह्ह्ह्हह्ह हाँ डाल दो इसे पूरा आईईईईईइ अंदर तक। दोस्तों रविंदर ने अब अपनी चुदाई करने की स्पीड को बढ़ा दिया था। वो अब मेरी माँ को पागल की तरह ज़ोर ज़ोर से धक्के मारकर चोद रहा थाl आप ये कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

माँ आहहाहऊऊहह आह्ह्हह्ह उईईईईईइ माँ मर गई उफ्फ्फफ्फ्फ़ कर रही थी और वो बोल रही थी हाँ मदारचोद, बहनचोद तू तो बहुत अच्छी चुदाई करता है, वाह मुझे तो आज मज़ा आ गया। फिर करीब आधे घंटे के बाद माँ की चूत का पानी निकल गया और रविंदर ने माँ के मुहं में अपना वीर्य छोड़ दिया और माँ उसे बहुत मज़े लेकर पी गयी।

फिर उसने माँ को पलट दिया और जाकर किचन से तेल ले आया। उसने माँ की गांड में थोड़ा सा तेल लगाया जिसकी वजह से उसका लंड अच्छी तरह से माँ की गांड में पूरा अंदर तक जा सके। फिर उसने अपने लंड पर भी तेल लगाया और फिर एक ही झटके में सारा का सारा लंड माँ की गांड में घुस गया।

माँ बहुत ज़ोर से चिल्ला उठी अह्ह्हह्ह्ह्ह उह्ह्हह्ह मार दिया रे मुझे मदारचोद, फाड़ दी मेरी गांड, साले हरामी, लेकिन रविंदर कहाँ सुनने वाला था, वो बोला कि साली रंडी तेरी गांड को देखकर सबका लंड खड़ा हो जाता है, क्या गांड है तुम्हारी मेरी जान और फिर वो लगातार धक्के मारने लगा।

माँ की आँख से आंसू बाहर निकल आए माँ आआआहूओा अह्ह्हह्ह्ह्ह आईईईइ कर रही थी और अब कुछ देर के बाद माँ को भी मज़ा आने लगा और वो बहुत आराम से अपनी गांड मरवा रही थी और मारो फाड़ दो मेरी गांड को अहहहहह आह्ह्ह्हह्ह करीब 45 मिनट की घमासान चुदाई के बाद रविंदर माँ की गांड में झड़ गया l

फिर दोनों ऐसे ही पड़े रहे। फिर कुछ देर बाद माँ ने बोला कि रविंदर आज से में तेरी रंडी बन गई हूँ, लेकिन अब तू मुझे हर रोज चोदगा और मेरी चूत और गांड को अपने लंड से तृप्त करेगा। दोस्तों माँ के मुहं से यह बात सुनकर रविंदर ने बहुत खुश होकर माँ के बूब्स को पकड़ लिया और उसे ज़ोर ज़ोर से दबाने, चूसने लगा l आप ये कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

फिर उसने काट भी लिया और अब उस दिन के बाद से रविंदर मेरे घर पर हर रोज आता और जब में घर पर नहीं रहता तो वो इस बात का पूरा पूरा फायदा उठाकर माँ को चोदता है और फिर माँ भी उस दिन के बाद से मुझे बहुत खुश दिखने लगी थी।

उनके चेहरे पर एक अलग सी चमक आ गई थी और वो अपनी इस चुदाई से मन ही मन पूरी तरह से संतुष्ट दिखती, लेकिन मुझसे कुछ नहीं कहती और में सब कुछ समझ जाता, लेकिन में भी बिल्कुल खामोश रहता था ।।



loading...

और कहानिया

loading...


Online porn video at mobile phone


siskay khine hinde xxxhindisxestroypadosi gopal uncle or meri chudai antarvasna.comसकैसकहानीहीदीचोदाचोदीhindisxestroydesi girl antervasna storishindichutsexstoryantrvasnasaxstoriesक्सक्सक्स इंडियन देसी बोलीsexstoryoudosex bagal girl antaravasana storynew hindi sex hot dasi setori kamuktachut ki chudai in hindilauda aur bur ki kahani familyhindisexysyorieshindisexstorybhaibahandear maa kichusai kahani hindemiaZVA ZVI PREM KAHNIwashroomchudaistorykamukta bap beti ki chudaiwwwcomxxx मां बेटा सूकसी सटोरी डाट कामचुदाईsexikahanipapaneचुदाई मे बुर फटा मालकिन वेहोस हुई कहानीsexstoryhindimastramhemacale.dase.bhabe.sxxe.potosHindi audio sex story patiyo ki adla badli group meinsex chudai ki kahaniyaSexyantrvasna hindhiChoda chdixxx video hdचुदाईanterwasnasexstories.comभाई के लण्ड की दीवानीkunwari duhan ki suhagrat antarvasnasexstories.comchachi ki chaddisexstiry .cmxxx hindi meपरिवार चुदककड 2018 KAMUKTAbest cameras16Sal kihanee xxxcimi.aor.mosi.ke.xxnx.com16Sal kihanee xxxdesi hindi sexy kahiney bahabiantrvasnasaxstorieswww.hindi sexstori.comchachi bhatija hindi chudai ki kahaniya pdfबाहू की चुदाईजेठ की खहानीbhai bhan janamdin ki xxx khaniya hindi ma 2010bhai ke girlfraind mujhe pelvaya sex storymastram ki mast kahaniya hindiदीदी ने सामने जीजा जि से चूदवायाकपडा बदलने का pron sexBollywood ki sexy ladkiya chut ko chusti Huihinde xxx khine rande wifeAntrvasna pati k dosto n milker berhami s chudai kbfxxx मास्टरनी कामस्तराम अंतरवसनkuwari dulhen antarwasnapdfbaen ko apana land ka gulam banaya fireehindisexsorislauda aur bur ki kahani familyantarvasnan storybur me lund imagedidichodaikahaniचुदाईhot sex kahani hindi mebur pelai sexy 3omintsChut kahani hot hot xxxaunty ki chudai kisexxbhojpurihindichudaikividosHINDASEXSTORYbehan or bhai ki chudaixxx bhai bhan home hindi karwa choatchutgandistorypriyanka ki choothindisxestroy